Read Articles

Bone marrow Aspiration and biopsy – बोन मेरो एस्पिरेशन एंड बीओप्सी – यानी की बोन मेरो की जांच

बोन मेरो एस्पिरेशन एंड बीओप्सी (अस्थि मज्जा एस्पिरेशन और अस्थि मज्जा बायोप्सी): आपकी कुछ बड़ी हड्डियों के अंदर स्पंजी ऊतक – को इकट्ठा करने और जांच करने की प्रक्रियाएं हैं। हमारा ब्लड बोन मेरो के अंदर बनता है – यदि ब्लड नहीं बन रहा, ख़राब तरीके का बन रहा या फिर कोई ब्लड कैंसर की संभावना हो तो इसकी सबसे सटीक जानकारी बोन मेरो की जांच से ही पता चलता है। बोन मेरो की जांच के दो भाग होते हैं :- (1) अस्थि मज्जा एस्पिरेशन (2) अस्थि मज्जा बायोप्सी अस्थि मज्जा एस्पिरेशन और अस्थि मज्जा बायोप्सी दिखा सकती है कि…

Read More

Iron Deficiency Anemia (आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया या हीमोग्लोबिन की कमी

Iron Deficiency Anemia (आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया या रक्त (हीमोग्लोबिन) की कमी एनीमिया एक बहुत ही सामान्य स्थिति है – लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या या लाल रक्त कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होती है – तो उसको एनीमिया कहते हैं लाल रक्त कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन होता है, वह पदार्थ जो रक्त को लाल बनाता है।इसका मुख्य उद्देश्य ऑक्सीजन को चारों ओर ले जाना है यदि शरीर को पर्याप्त मात्रा (ऑक्सीजन) नहीं मिलती है, तो विभिन्न लक्षण उत्पन्न होते हैं। इसमे शामिल है थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी। यदि एनीमिया अधिक गंभीर हो तो जीवन…

Read More

Thalassemia (थैलेसीमिया) Patient Information article in Hindi (हिंदी)

थेलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक तौर पर मिलने वाला रक्त-रोग है। इस रोग के होने पर शरीर की हीमोग्लोबिन निर्माण प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है जिसके कारण रक्तक्षीणता/खून की कमी/”एनीमिया” के लक्षण प्रकट होते हैं। थैलेसीमिया को इसकी गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। थैलेसीमिया माइनर: कोई लक्षण नहीं या हल्के लक्षण थैलेसीमिया इंटरमीडिया: हल्के से लेकर गंभीर लक्षण थैलेसीमिया मेजर: गंभीर लक्षण, जिनमें इलाज की ज़रूरत होती है यदि पैदा होने वाले बच्चे के माता-पिता दोनों के जींस में माइनर थेलेसीमिया होता है, तो बच्चे में मेजर थेलेसीमिया हो सकता है, जो काफी घातक…

Read More

निलोटिनिब: क्रोनिक माइलॉयड लुकेमिआ (सी एम् एल) में इस्तेमाल होने वाली दवाई

Translate in other available languages to read this post by clicking on Flag-Language Menu below ! Use button above! निलोटिनिब (नोवार्टिस द्वारा) ब्रांड नाम तासिगना के तहत फार्मेसी में उपलब्ध एक दवा है जिसका उपयोग क्रोनिक माइलॉयड लुकेमिआ के इलाज के लिए किया जाता है।  इसका उपयोग पहले स्तर की बीमारी जिसे क्रोनिक फेज सीएमएल कहा जाता है के दूसरे स्तर की बीमारी जिसे एक्सेलरेटेड फेज सीएमएल कहा जाता है में होता है।  निलोटिनिब एक सेकंड जनरेशन की दवाई है जिसको की इमेटिनिब के मुकाबले बेहतर दवाई माना जाता है। यदि मरीज की उम्र कम हो तो उनमे निलोटिनिब का…

Read More

CML Drug Information/सीएमएल की दवाइयाँ

सीएमएल के उपचार में इमैटिनिब, निलोटिनिब, दासतिनिब, या बोसुटिनिब जैसी दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है। यदि इनमे से कोई एक दवाई काम करना बंद कर देती है या यह वास्तव में कभी भी ठीक से काम नहीं करती है, तो खुराक बढ़ाई जा सकती है या इनमे से दूसरी दवाई देने की कोशिश की जाती है। शुरू की गयी दवाई काम कर रही है की नहीं उसका पता नियमित अंतराल पे की जाने वाली बीसीआर/एबीएल की जांच द्वारा लगाया जाता है। यदि कोई व्यक्ति साइड इफेक्ट के कारण कोई दवा नहीं ले सकता है तो दूसरे दवाई पर स्विच…

Read More

AML – एक्यूट माइलॉयड ल्यूकेमिया

एक्यूट माइलॉयड ल्यूकेमिया (जिसे एएमएल भी कहा जाता है) किस प्रकार की बीमारी है? एक्यूट माइलॉयड ल्यूकेमिया (जिसे एएमएल भी कहा जाता है) रक्त और अस्थि मज्जा (बोन मेरो) कोशिकाओं का कैंसर है। यह श्वेत रक्त कोशिकाओं के एक समूह को प्रभावित करता है जिसे मायलोइड कोशिकाएं कहा जाता है। “एक्यूट ” का अर्थ है कि यह तेजी से विकसित और आगे बढ़ता है, और इसके लिए तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है। अलग प्रकार से इसको अगर समझें तो यह कह सकते हैं की रक्त के सभी प्रकार के कैंसर में से यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला कैंसर…

Read More

CLL-क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया

क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया क्या है? क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया एक प्रकार का रक्त कैंसर है जिसमें अस्थि मज्जा बहुत अधिक लिम्फोसाइट्स (एक प्रकार का सफेद रक्त कोशिका) बनाता है। क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (सीएलएल) धीमी गति से बढ़ने वाला ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर) का एक प्रकार है।  सामान्य परिस्थितियों में लिम्फोसाइट्स (सफेद रक्त कोशिका) हमारे शरीर को संक्रमण और बीमारी से बचाने में मदद करते हैं। सीएलएल आमतौर पर धीरे-धीरे विकसित होता है और कई महीनों और वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ता है। इस बात पर जोर देना महत्वपूर्ण है कि कई लोगों मे सीएलएल कई महीनों और वर्षों तक स्थिर रहता है और…

Read More

हॉजकिन लिंफोमा

लिम्फोमा क्या होता है ? लिम्फोमा एक प्रकार का ब्लड कैंसर है जो की लिम्फ प्रणाली की कोशिकाओं (लिंफोसाइट्स) में शुरू होता है और आमतौर पर लिम्फ नोड्स में होता है जिससे की लिम्फ नोड्स में सूजन आ जाती है या फिर गांठ बन जाता है। लिम्फ प्रणाली पूरे शरीर में लिंफोसाइट्स नामक संक्रमण से लड़ने वाली सफेद रक्त कोशिकाओं का भंडार होता है और जरुरत पड़ने पर इनको स्थानांतरित करता है। ये लिंफोसाइट्स नामक कोशिकाएं मुख्यतः लिम्फ नोड्स, बोन मैरो, स्प्लीन और थायमस में उपस्थित होने के साथ साथ शरीर के अन्य भाग जैसे की पेट, आंत और फेफड़ो…

Read More

इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (आईटीपी)

इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (आईटीपी) किस प्रकार की बीमारी है ? इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (आईटीपी) एक दुर्लभ रक्तस्राव (ब्लीडिंग) विकार/रोग है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स को नष्ट करता है फलस्वरूप शरीर में प्लेटलेट की कमी हो जाती है। इसे अगर और विस्तृत में जाने तो यह कहा जा सकता है की – इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (आईटीपी) एक ऑटोइम्यून रोग है। ऑटोइम्यून (रोग) विकारों में आपका शरीर एंटीबॉडी नामक प्रोटीन बनाता है जो आपके शरीर के हीं दूसरे हिस्से को नुकसान पहुंचाता है। आईटीपी में प्लेटलेट्स के खिलाफ एंटीबॉडीज बनाए जाते हैं जो अपने ही…

Read More

error: Content is protected !!