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इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (आईटीपी)

इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (आईटीपी) किस प्रकार की बीमारी है ? इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (आईटीपी) एक दुर्लभ रक्तस्राव (ब्लीडिंग) विकार/रोग है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स को नष्ट करता है फलस्वरूप शरीर में प्लेटलेट की कमी हो जाती है। इसे अगर और विस्तृत में जाने तो यह कहा जा सकता है की – इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (आईटीपी) एक ऑटोइम्यून रोग है। ऑटोइम्यून (रोग) विकारों में आपका शरीर एंटीबॉडी नामक प्रोटीन बनाता है जो आपके शरीर के हीं दूसरे हिस्से को नुकसान पहुंचाता है। आईटीपी में प्लेटलेट्स के खिलाफ एंटीबॉडीज बनाए जाते हैं जो अपने ही…

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थ्रोम्बोसाइटोपेनिया – शरीर में प्लेटलेट का कम होना

थ्रोम्बोसाइटोपेनिया – शरीर में प्लेटलेट का कम होना – यह किस प्रकार की समस्या है ? थ्रोम्बोसाइटोपेनिया तब होता है जब रक्त में सामान्य से कम प्लेटलेट्स होते हैं। प्लेटलेट्स (थ्रोम्बोसाइट्स) रक्त कोशिकाएं हैं जो खून के थक्के बनाने के लिए आवश्यक हैं। कट या घाव होने पर वे रक्तस्राव को रोकने या नियंत्रित करने में मदद करते हैं। थ्रोम्बोसाइटोपेनिया प्लेटलेट की कमी के गंभीरता के तीन स्तर होते हैं – यह हल्के स्तर से गंभीर स्तर तक हो सकता है। यह आपके रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या पर निर्भर करता है। थ्रोम्बोसाइटोपेनिया की गंभीरता तीन स्तर होते हैं –…

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Aplastic Anemia Diagnosis and Treatment / अप्लास्टिक एनीमिया का निदान और उपचार

सवाल: अप्लास्टिक एनीमिया क्या है? अप्लास्टिक एनीमिया तब होता है जब आपकी अस्थि मज्जा (बोन मेरो) पर्याप्त लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं, और प्लेटलेट्स नहीं बनाती है। लाल रक्त कोशिकाओं के कम होने से हीमोग्लोबिन कम हो जाता है और हीमोग्लोबिन 7 से काम होने पे कमजोरी और साँस की तकलीफ होने लगती है। सफेद रक्त कोशिकाओं के कम होने से आपको संक्रमण होने की अधिक संभावना है। कम प्लेटलेट्स होने से रक्त बहुत पतला हो जाता है – इसका मतलब है कि आपका रक्त उस तरह से थक्का नहीं बना सकता है जैसे उसे चाहिए और ब्लीडिंग होने की…

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Platelets for transfusion/प्लेटलेट के प्रकार

कुछ ब्लड की बिमारियों में जब शरीर में प्लेटलेट की कमी होती है तो ब्लीडिंग की संभावना होती है इस स्थिति में प्लेटलेट चढाने की जरुरत पड़ती है। ब्लड बैंक से मिलने वाले प्लेटलेट दो प्रकार के हो सकते हैं। [1] RDP (आर डी पी ) – रैंडम डोनर प्लेटलेट्स (आर डी पी) दान किए गए लाल रक्त से तैयार किए जाते हैं जब रक्त दाता पूरे रक्त (व्होल ब्लड ) का दान करते हैं तो पूरे रक्त (व्होल ब्लड ) के बैग को प्रसंस्करण के लिए ब्लड बैंक प्रयोगशाला में ले जाया जाता है। बैग को लाल कोशिकाओं (PRBC),…

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क्रोनिक माइलॉयड लुकेमिआ के मरीजों को लिए आवश्यक जानकारियां।

Translate in other available languages to read this post by clicking on Flag-Language Menu below ! Use button above! सवाल: मुझे क्रोनिक माइलॉयड लुकेमिआ है – यह कितनी गंभीर समस्या है ? क्रोनिक माइलॉयड लुकेमिआ यानि सी एम् एल एक प्रकार का ब्लड कैंसर है जिसके गंभीरता के तीन स्तर होते हैं। ज्यादातर मरीजों को पहले स्तर की बीमारी होती है जिसे क्रोनिक फेज कहते हैं – अगर मरीज की बीमारी इस फेज में पकड़ी जाती है तो दवाईयों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है – और मरीजों को काफी लम्बा और बीमारी रहित जीवन दिया जा सकता है।…

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Cancer tales 6: The cocktail of delay

© Dr. Sujeet Kumar How many times I need to tell you to call the doctor, yelled the mother. Father reluctantly picked up his bicycle from the front yard of his semi-pucca house and paddled it to another part of the village and stopped in front of a house. The house was a double-story designer house with high fencing and iron gate – only one such in the village. He banged the Iron Gate somewhat loudly. Realizing the loud thud of iron he toned down his next two knocks on the door. After every knock, he peeped through the grilled…

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मायलोमा में हड्डियों की समस्या और उसका उपचार।

Translate in other available languages to read this post by clicking on Flag-Language Menu below ! Use button above! मायलोमा मरीज से हड्डियों की समस्या के बारें में बातचीत के कुछ महत्ववूर्ण अंश। सवाल : मुझे मायलोमा है, मुझे हड्डियों में दर्द क्यों रहता है ? माइलोमा के लगभग 80% रोगियों में हड्डी रोग के कुछ रूप विकसित होते हैं – यह हड्डियों की कमजोरी के रूप में या हड्डियों में छोटे छोटे छेद के रूप में रह सकता है। यही कारण है की मायलोमा के ज्यादातर मरीज हड्डियों में दर्द की समस्या बताते हैं। यही कारण है की आपके…

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Cancer Tales: Chapter 5: Sympathy is not empathy – The trap ahead !!

© Dr Sujeet Kumar Sorry sir, we made a huge mistake! We are now determined for further treatment here. Dr Ankit saw across the table a well dressed father with tucked in striped shirt standing with a younger kid (his son) with swollen neck with nodules all round, puffy face, a visibly darker appearance than his father, fewer scalp hair and unusual depigmented spots over both the palms. Ankit immediately recalled the father son duo who were seen by him in OPD few months back as the father at that time had created huge fuss in OPD. The father suffered…

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विटामिन बी12 की कमी – अगर आप शाकाहारी हैं तो यह जरूर पढ़ें।

Translate in other available languages to read this post by clicking on Flag-Language Menu below ! Use button above! विटामिन बी 12 की कमी से कई बीमारियां हो सकती हैं। इनमें से कुछ बीमारियों का इलाज तो आसानी से कराया जा सकता है, लेकिन कुछ रोग ऐसे भी हैं जो बहुत ही गंभीर होते हैं। इन गंभीर बीमारियों के कारण मरीज को बहुत अधिक परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। शरीर में खून की कमी (एनीमिया) से बचाव में विटामिन बी 12 (Vitamin B 12) बहुत ही फायदेमंद है। इसकी कमी से तंत्रिका-तंत्र को बहुत अधिक क्षति पहुंच सकती है, मरीजों…

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Cancer Tales: Chapter 4: The Nexus of Charity

© Dr Sujeet Kumar Sir, Pappu ji will arrange 4 units of blood and 4 platelet donors. He was very sure about it.   Dr Ankit: Ok, then we can admit your son for further chemotherapy but you need to arrange more blood donors and it wouldn’t suffice.   Sir, if you will talk to Pappu ji, he can arrange more donors.   Dr Ankit: Ok, I will explain him the need of blood units. Please give me his mobile number   Sir, you must be having his number (the patients father seemed surprised and said this with a animated…

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